कोवाक्सिन

भारत बायोटेक की कोवाक्सिन का फेज 3 ट्रायल्स स्टार्टेड

भारत बायोटेक की कोरोनावाइरस वैक्सीन जिसका नाम कोवाक्सिन है उसका फेज-3 क्लीनिकल ट्रायल स्टार्ट हो चुका है। ये जानकारी भारत बायोटेक के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर, कृष्णा एला ने दी है। उन्होने कहा “कोवाक्सिन इंटरएड फेज-3 क्लीनिकल ट्रायल”।

वैक्सीन को भारत बायोटेक , इंडियन कौंसिल ऑफ़ मेडिकल रिसर्च और नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ विरोलॉजी मिलकर बना रहे है। वैक्सीन के फेज-1 और फेज-2 ट्रायल्स पहले ही पुरे हो चुके है। फेज-1 और फेज-2 1000 वालंटियर्स के ऊपर ट्रेल्स किए गए है। जिनका रिस्पांस पॉजिटिव आया था। अब फेज-3 क्लीनिकल ट्रायल मैं कंपनी 26000 वालंटियर्स पे कोवाक्सिन का प्रयोग करेगी। ये ट्रायल्स देश के 25 सेंटर्स मैं किए जायँगे। ट्रायल्स के दौरान वालंटियर्स को कोवाक्सिन की 2 डोज़ 28 दिन के इंटरवल पे दी जायँगी। कंपनी ने फेज-3 क्लीनिकल ट्रायल का अप्रूवल अक्टूबर-2 को ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ़ इंडिया से प्राप्त कर लिए था।

कंपनी का कहना है की 25 सेंटर्स मैं से 8 सेंटर्स अपनी एथिक्स समिति से ट्रायल्स को कंडक्ट करने का अप्रूवल हासिल कर लिआ है। हर सेण्टर की अपनी एक एथिक्स समिति है जो ये देखती है की ट्रेल्स फेयर हो रहे है और सभी प्रोटोकॉल्स का पालन किआ जा रहा है।

कंपनी का कहना है की वो कोवाक्सिन के साथ एक और कोरोनावाइरस वैक्सीन डेवेलोप कर रहे है जो अगले साल तक मार्किट मैं आ सकती है। ये वैक्सीन एक नेसल ड्राप होगी।

भारत बायोटेक अगले साल फेब्रुअरी तक वैक्सीन लांच करने की प्लानिंग कर रही ह। पहले फेज मैं कंपनी 150 मिलियन डोसेस उत्पादनकरेगी।

कोवाक्सिन कैसे काम करेगा

कोवाक्सिन उस तंत्र पे बेस्ड है जिसमे डेड पैथोजन्स (कोरोनावाइरस) का प्रयोग करते है। ये डेड कोरोनावाइरस ह्यूमन बॉडी मैं इन्फेक्शन नहीं कर सकता लेकिन ये ह्यूमन इम्यून सिस्टम को ट्रिगर करता है जो एंटीबाडीज प्रोडूस करते है। वही एंटीबाडीज बाद मैं कोरोनावाइरस से लड़ने मैं मदद करती है। इसी तंत्र पे पोलियो और इन्फ्लुएंजा वैक्सीन का विकास हुआ है